8 नवंबर 2026

फिर आई दीवाली

अँगड़ाई ली मौसम ने फिर आई दीवाली।
अगुआई की घर-घर ने फिर आई दीवाली।
                    क्‍या घर, गली-गली, बाजारों में
जलते टिम टिम तारे वंदनवारों में
दीप जले मुंडेरों द्वारों पर
चंद्रिका छाई है गलियारों में 
पुरवाई चली सुगंधी, फिर आई दीवाली।
कर स्‍नान वसन नव बच्‍चों ने पहने
नमन किया फिर बालसूर्य को सबने
खिला मिठाई माँ ने दीं फुल‍झड़ि‍याँ
नज़र लगे ना करी आरती उसने
मस्ती छाई उन पर फिर आई दीवाली।
पर्वोत्सव ने फैलाया है उजास
सर्वधर्म समभाव से है उल्‍लास
होली दीवाली कटुताएँ भूलें,
मिलवर्तन  एक पुन: हो प्रयास
भलमनसाई परखी फिर आई दीवाली।   

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