25 सितंबर 2026

अनंत चतुदशी और गणेश विसर्जन

मुक्‍तकंठा छंद
1
बल, मति, धन, सामर्थ्‍य अरु, वैभव देय अनन्‍त।
पर्व अनन्‍त चतुर्दशी, पूजें अच्‍युत मंत।
ग्रंथि चतुर्दश सूत्र की,  देती यह संदेश,
दृढ निश्‍चय कर आज से, जियें वर्ष पयंन्‍त ।।
जियें वर्ष पर्यन्‍त, मौन से करें शुचित मन।
ताकि न माया मोह, करे बाधित बल, मति, धन।।
2
करें विसर्जन आज ही, गणपति को सब लोग।
पुन: बुलायेंगे प्रभू, बने योग संयोग।
कृपा रखें सब भक्‍त पर, क्षमा करें सब भूल,    
यथायोग्‍य सेवा हुई, यथाशक्ति रख भोग ।।
यथाशक्ति रख भोग, किया शृंगार सुदर्शन।
गणपति को साष्‍टांग, नमन कर करें विसर्जन ।।

2 सितंबर 2026

मेरा अभिनव हिन्‍दुस्‍तान

गीत
(छंद- चौपई)

है अभिनन्दन आयुष्मान।
मेरा अभिनव हिन्दुस्तान।।

हो बैसाखी न संविधान,
हो उत्कर्ष गणतंत्र विधान,
गौरवान्वित देश समग्र,
नवोन्मेषीय अभ्युत्थान।

है अ‍भिनन्दन हिन्दुस्तान ।।

कन्याकुमारि से कश्मीर,
रामलला का जन्मस्थान,
सम्प्रभुता से विकासशील,
वंदे भारत हो गुणगान।

मेरा अभिनव हिन्दुस्तान ।।

कण-कण इसका भारत रत्न,
हमको इस पर है अभिमान,
’आकुल’ का वंदन साष्टांग,
मेरा भारतवर्ष महान्।

है अभिनन्दन हिन्दुस्तान ।।  

(सद्य प्रकाशित गीत संग्रह 'मेरा अभिनव हिन्दुस्तान' से)