गीत
=======================राखी गहना है अनमोल कलाई पर
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राखी गहना है अनमोल कलाई पर।
बलिहारी जाती है बहिना भाई पर।
राखी गहना है..........
इक दिन मे जी लेती है वह कितने सुख,
भाई है तो कैसा डर, कैसे सुख दुख,
कृष्णा ने पाया था कृष्ण कन्हाई सा,
संकट में रहता है वह परछाईं सा,
जब है वीर संग क्या जगत् हँसाई पर,
बलिहारी जाती है बहिना भाई पर।
राखी गहना है..........
भाई् का सिर पर हो हाथ यह काफी है,
इसी लिए हाथों पर बाँधी राखी है,
बाबुल का घर छोड़ा लगा पराई अब,
भाई ने घर की हर रीत निभाई तब,
लगे न कभी पराई रत्ती राई भर,
बलिहारी जाती है, बहिना भाई पर।।
राखी गहना है..........
बलिहारी जाती है, बहिना भाई पर।।
राखी गहना है..........
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