संगीत की अद्वितीय गीत साम्राज्ञी के रूप में भारत की दो गायिकों के बिना जैसे
बॉलिवुड का संगीत सूना हो गया। दोनों ही अपने जीवन की पूरक थीं। जिन गीतों को लता जी
ने नहीं गाया उसे गा कर आशा जी ने उसे अमर कर दिया। दोनों में जितना प्रेम था उतनी
प्रतिस्पर्द्धा भी थी। लता के स्वर में मिठास का अनुपम स्वरूप था तो आशा जी के
स्वरों में अनहद नाद था। पंचम दा (संगीतकार आर. डी. बर्मन) से मिल कर आशा ने पंचम
स्वर को सिद्ध कर दिया। दोनों ने मिल कर कभी न भुलाये जाने वाले गीतों को रचा। लता ने अपने पहले प्रेम को संगीत को समिर्पित कर दिया आजन्म विवाह नहीं किया, वहीं आशा जी ने अपने पहले प्रेम को सदा के
लिए ‘भौंसले’ के रूप में अमर कर दिया। तल्खियाँ तब से ही शुरु हुईं, किंतु
पारिवारिक अनबन को अपने प्रोफेशनल जीवन में उन्होंने कभी भी उभरने नहीं दिया।
दोनों बॉलिवुड की दो स्तम्भ थीं। दूसरी गायिकों के लिए वें हमेशा प्रतिस्पर्द्धी
रहीं किंतु मीडिया ने अनेक प्रकार से तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करता रहा। प्रतिभा कभी
छिपती नहीं। लता और आशा जी ने कभी भी अफवाहों को तूल नहीं दिया। लता जी जहाँ कई
गानों को गाने के लिए मना कर देेेती थीं, वहीं आशा जी ने शायद ही किसी गाने के लिए मना
किया हो, यही कारण था कि आशा जी कभी-कभी लगता था कि लता जी से श्रेष्ठ रहीं। लता जी ने संगीतकार ओ पी नैयर के निर्देशन में कभी नहीं गाया जबकि आशा जी ने ओ.पी. नैयर के सर्वाधिक गाने गाये।
लता जी
के स्वर में अमरत्व था, वहीं आशा जी के स्वरों में सिद्धि का प्रकाश था। संगीत के सात सुरों में सा और पा अचल स्वर माने जाते हैं। शेष सुरों के कोमल व तीव्र स्वर होते हैं। बॉलिवुड में लता मंगेशकर संगीत का प्रथम स्वर ‘सा’ (षडज) थीं तो आशा भौंसले पाँचवाँ स्वर ‘पा’ (पंचम) थीं। दोनों ही संगीत के अचल स्वर थीं। बॉलिवुड अनेक दिग्गज संगीतकारों द्वारा रची रचनाओं का एक अनोखा संगम तीर्थ है और इस संगम में गंगा और यमुना
की तरह इन दोनों के योगदान को कभी भी नहीं भुलाया जा सकेगा। शेष गायिकायें समय की धार में सरस्वती नदी की तरह उनमें समाती चलीं गईं।
स्वर कोकिला लता जी भारत रत्न थीं तो स्वर किन्नरी आशा भौंसलें सर्वोच्च पद्म पुरस्कार 'पद्म विभूषण' से सम्मानित थीं। ये दोनों पुरस्कार ही असाधारण और विशिष्ट सेेेवा के लिए दिया जाता है।अपने पिता के निधन के बाद दोनों ने परिवार की जिम्मेदारी सँभाली और दोनों ही बॉलिवुड की सितारा बनीं। अंत भी कितनी समानतायें लिए हुआ। ब्रीच केंडी में अंतिम सांस, सभी आर्गन फेल्योर के कारण मृत्यु और दोनों ही 92 वर्ष की उम्र में अनंत में विलीन हुईं।
आशा जी के गाये हजारों गीतों में सैंकड़ों गीत हैं, जो मुझे पसंद हैं, उनके गाये इन सोलो और ड्यूएट गीतों ने मेरे जीवन के संगीत में बहुत गहरा असर डाला है जिनसे, आशा जी को मेरे पसंदीदा उनके गीतों से उन्हें श्रद्धांजलि देता हूँ- तोरा मन दरपन कहलाए... फिल्म- काजल; निगाहें मिलाने को जी चाहता है.... फिल्म- दिल ही तो है; आइये मेहरबाँ..... फिल्म- हावड़ा ब्रिज; ओ मेरी जां मैंने कहा...., रेशमी उजाला है..... फिल्म- दि ट्रेन; कतरा कतरा .... फिल्म- इजाजत; मेरा कुछ सामान.....फिल्म इजाजत; झुमका गिरा रे.....फिल्म– मेरा साया; चुरा लिया है तुमने.....फिल्म- यादों की बारात; पिया तू अब तो....... फिल्म- कारवाँ; दुनिया में लोगों को..... फिल्म- अपना देश; आजा आजा मैं हूँ प्यार तेरा....फिल्म- तीसरी मंजिल; दिल जलों का दिल जला के....; ये मेरा दिल प्यार का दीवाना..... फिल्म- डॉन; दिल चीज क्या है...फिल्म- उमरावजान; पान खाए सैंया हमारो....फिल्म- तीसरी कसम; जिंदगी इत्तेफाक है..... फिल्म आदमी और इंसान; मुझे नौ लखा मंगा दे......फिल्म- शराबी; रोज़ रोज़ आंखों तले.....फिल्म- जीवा; दो लफ़्जों की है दिल की कहानी.... फिल्म- द ग्रेट गेम्बलर; खतूबा.... फिल्म- अलीबाबा और 40 चोर; हुस्न के लाखों रंग.... फिल्म जॉनी मेरा नाम; कोई आया आने भी दे.... फिल्म- काला सोना; करले प्यार करने के दिन हैं यही..... फिल्म- तलाश दम मारो दम......फिल्म- हरे राम हरे कृष्ण; जरा सा झूम लूँ मैं.... फिल्म- दिल वाले दुल्हनियां ले जायेंगे; किताबें बहुत सी पढ़ी होंगी तुमने..... फिल्म बाज़ीगर; मुझको हुई न खबर..... फिल्म- कुछ कुछ होता है; याई रे याई रे.... फिल्म- रंगीला; मेरा नाम शबनम...फिल्म- कटी पतंग; मौसम मस्ताना....... फिल्म- सत्ते पे सत्ता; आज की रात कोई आने को है रे बाबा....फिल्म- अनामिका; तू रूठा तो मैं..... फिल्म- जवानी; प्यार करने वाले..... फिल्म– शान; तू तू है वही.... फिल्म- ये वादा रहा; ओ मेरी जान....... फिल्म- सनम तेरी कसम; जाने जाँँ ढूँढता फिर रहा.... फिल्म- जवानी-दीवानी; जाइए आप कहाँँ जाएँगे...., ये है रेशमी जुल्फों का उजाला..... फिल्म- मेरे सनम; आओ हुजूर तुमको सितारों में ले चलूँ.... फिल्म- किस्मत; हुजूरे वाला जो हो इजाजत.... फिल्म- ये रात फिर न आएगी; आगे भी जाने न तू.... फिल्म- वक्त; परदे में रहने दो.... फिल्म- शिकार; रात अकेली है... फिल्म- ज्वैल थीफ।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें