13 मार्च 2026

जनसंख्या पर रहे नियंत्रण

 छंद- सरसी
विधान- 27 मात्रीय छंद जिसमें 16, 11 (दोहे का सम चरण) पर यति अंत 21 अनिवार्य।
अपदांत
समांत- आर

#जनसंख्या पर रहे नियंत्रण, यह ही है उपचार ।
बढ़ते बढ़ते कई अतिक्रमण, बन जाते अधिकार ।1

#धारावी सी कई बस्तियाँ, इतिहासों में दर्ज,
वोटों की खातिर ही करते, रहते सदा किनार ।2

रेल पटरियों, सड़क किनारे, नाले, पोखर, खड्ड,
बसी बस्तियाँ, दूकानें, घर, कितने ही आगार ।3

जंगल कटते, पर्वत छिलते, रहें दंभ में लोग,
प्रकृति दिखाती रौद्र रूप तब, होते हैं बेदार ।4

बाढ़, सुनामी, दावानल, तूफ़ानी ताण्डव देख,
सम्हलें वरन् झेलनी होगी, बरबादी की मार ।5

चल पड़ती है पुन: जिंदगी, नहीं समझते लोग,
सरकारें भी अनदेखी करती रहतीं हर बार ।6

कैसे #दुष्कर्मों_नरसंहारों पर चले कुठार ।7

जन-आंदोलन हों सरकारें, जब-जब रहती मौन,
जन-प्रतिनिधि अपने लोगों की करते नहीं सँभार।8

पग-पग पर ढेरों दुविधाएँ, पलती चारों ओर,
बढ़ी कुकुरमुत्तों, जलकुंभी सी अब खरपतवार ।9

तकनीकी युग की बलिहारी, दी #मोबाइल भेंट,
अब #_आई से स्पर्द्धा है, नव पीढ़ी पर भार ।10

बहुत जरूरी गाँव-गाँव अब, शिक्षित हों अतिशीघ्र,
उनको स्पर्द्धाओं में रहना, होगा अब तैयार ।11

उन्नत करनी होगी कृषि अब, अपनाएँ तकनीक,
ताकि खेत खलिहानों में फिर, आये नई बहार ।12

कभी राज सेवा में लगते#टेम्परेरि #अडहॉक,

न्यायालय की भाँति हजारों, लम्बित हैं अभियोग,
सरकारों को चलना होता दुनिया के अनुसार ।14

जनसंख्या पर रहे नियंत्रण, कैसे सबकी सोच,
ढेर समस्याओं को ले कर, लंबी हुईं कतार।15

खुद को ही लेनी होगी अब, जीवन में यह सीख,
#बचत करें, सीमाओं में जी, कर होगा उद्धार ।16

अंकुश रखना होगा 'आकुल' जनसंख्या पर आज,
तभी हलाहल भरे उदधि से, होगा बेड़ा पार।।17

9 मार्च 2026

भारत पुरुषों का टी-20 वर्ल्‍डकप 2026 चैंपियन


                            ज़ज्‍़बा, ज़ुनून और जोश के चर्चे लम्‍बे समय तक होते रहेंगे            

मीडिया की अटकलें, अनुमान और आँकलन लगभग फतांसी और झूठे निकले। भारतीय टीम ने अपना प्‍लान गुप्‍त रखा और मीडिया के अनुमान से अलग एक या दो अहम बदलाव ने हमें चेम्पियन बना दिया। हर खिलाड़ी का योगदान क़ाबिले तारीफ़ रहा, चाहे वह 11 खिलाड़ि‍यों में शामिल रहा या नहीं, पर फील्डिंग में उसने एक्‍स्‍ट्रा खिलाड़ी के रूप में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया। हर खिलाड़ी पर कप्‍तान का विश्‍वास और अपनापन देखने लायक था। संजू सेमसन और ईशान किशन की टूर्नामेंट में वापसी सबसे ज्‍यादा प्रभावी रही जिन्‍होंने इस टूर्नामेंट में जीत की नींव रखी। जहाँ रिंकू सिंह ने अपने पिता को खोया वहीं उन्‍होंने देश के प्रति प्रेम और क्रिकेट के ज़ूनून ने उनकी बेहतरीन फील्डिंग ने सबका दिल जीता। अभिषेक तीन डक के कारण सर्वाधिक चर्चे में रहे पर कप्‍तान और चयन समिति ने उन पर अंत तक विश्‍वास रखा, उन्‍हें हौसला दिया और सभी अटकलों के पीछे धकेल, अभिषेक ने इस सम्‍मान को फाइनल में सही साबित किया। उन्‍होंने प्‍लेयर ऑफ द टूर्नामेंट संजू सेमसन के साथ मिलकर स्‍वयं ने गेंदों में सबसे तेज 50 रन बना कर अपनी वापिसी सिद्ध की। साथ ही पहले विकेट के लिए तेज 98 रन जोड़े और पावर प्‍ले में टीम ने वर्ल्‍ड कप में सर्वाधिक 92 रन बनाने का कीर्तिमान बनाया।            

        यह टूर्नामेंट कुछ और घटनाओं के कारण भी चर्चा में रहेगा। जैसे, पाकिस्‍तान की टीम की भी देश की राजनीति की गीदड़ भभकी की तरह बड़े बोल भी गुब्‍बारे की तरह फूट गए। पाकिस्‍तान के खिलाड़ि‍यों के बड़े बोल ‘भारत सेमीफाइनल में भी नहीं पहुँचेगा’ सबसे ज्‍यादा चर्चे में रहा। हेंड शेकिंग (हाथ मिलाने) बदस्‍तूर रहा, सेमीफाइनल से बाहर होने पर खिलाड़ि‍यों का रोना, देश की खीज उनके सभी खिलाड़ि‍यों के खराब प्रदर्शन पर 50-50 लाख रु. का जुर्माना उनकी निम्न मानसिकता का परिचय थी। इस शर्मनाक इतिहास के पन्‍ने का काल रंग से रँगने से रोका जा सकता था, यदि सच्‍चाई गले उतरती और वह बांग्‍लादेश की तरह बहिष्‍कार करने के अपने बयान पर कायम रहता तो इस शर्मनाक स्थिति से बच सकता था।

        फाइनल के जोश में अर्शदीप द्वारा स्‍टम्‍प पर फैंकी गेंद न्‍यूजीलैंड के खिलाड़ी मिचेल के कंधे पर लगना भी थोड़ा सा तनाव दे गया, पर खेलभावना के चलते एक दूसरे से हाथ मिला कर सॉरी कह कर उसे धो दिया। न्‍यूजीलेंड के कप्‍तान सेंटनर के बड़े बोल ‘अरबों लोगों का दिल तोड़ेंगे’ ओवर कोन्फिडेंस के चलते धूल में मिल गया और 96 रन की करारी हार ने हर पचासवें व्‍यक्ति द्वारा क्रिकेट खेलने वाले उनके देश के 50 लाख लोगों का दिल जरूर टूटा होगा। एक ओवर में तीन आरंभिक भारतीय खिलाड़ि‍यों को आउट करने से पहले न्‍यूजींलेंड की टीम अपनी हार निश्चित कर चुकी थी। एक बार भी वर्ल्‍डकप नहीं जीतने वाली न्‍यूजीलेंड टीम के हीरो साइफर्ट, एलन, फिलिप्स, मिचेल, सेंटनर में केवल साइफर्ट और सेंटनर ही 30+ रन बना सके, बाकी ताश के पत्‍तों की तरह ढह गए। 96 रन से मिली हार भी लंबे समय तक न्‍यूजीलैंड को सताएगी।

        संयुक्‍त मेजबान श्रीलंका की टीम के कप्‍तान निशांका का संघर्ष भी इस वर्ल्‍डकप में सराहनीय रहा, जो हारने और सेमीफाइनल से बाहर होने पर भी उनकी अंतिम पारी लंबे समय तक याद की जाती रहेगी।

        सुपर 8 से पहले ही सर्वाधिक 13 विकेट लेने वाले यूएसए के गेंदबाल शैडली वेन शाल्विक ने अपने डेब्‍यू टूर्नामेंट को सही साबित किया और पाकिस्‍तान के चार खिलाड़ि‍यों को आउट कर कीर्तिमान रचा। इंडियन टीम के जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती ने ही संयुक्‍त 14 विकेट ले कर इस कीर्तिमान को तोड़ा। जिम्‍बाव्‍वे ने पूर्व चेंपियन आस्‍ट्रेलिया और वेस्‍टइंडीज को आउट कर सेमीफाइनल में जगह बना कर अपनी तैयारी दिखाई।

        पाकिस्‍तान के साहिबजादा फरहान ने सेमीफाइनल से पूर्व ही दो शतक सहित 383 रन का सर्वाधिक रन का कीर्तिमान बना कर विराट कोहली का रिकार्ड तोड़ा। सेमी फाइनल व फाइनल में अपने सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन (बैटर और विकेटकीपिंग में) और सर्वाधिक रन 321 बनाने वाले संजू सेमसन दूसरे स्‍थान पर रह कर टूर्नामेंट में प्‍लेयर आफ द टूर्नामेंट बने।     

फाइनल में ईशान किशन के दो अविसमरणीय केच, अक्षर का बाउंड्री बचाते हुए शिवम दुबे को गेंद देकर आउट करना और तीन बोल्‍ड के साथ ईशान के अनोखे केच ने 4 विकेट के साथ प्‍लेयर आफ द मैच बुमराह ने सिद्ध किया कि वे विश्‍व के सर्वश्रेष्‍ठ गेंदबाज हैं।

और भी कई श्रेष्‍ठ प्रदर्शनों के साथ पुरुषों के टी-20 वर्ल्‍डकप 2026 में ज़ज्‍़बा, ज़ुनून और जोश के चर्चे लम्‍बे समय तक होते रहेंगे। 86 लाख से अधिक लोगों द्वारा यह टूर्नामेंट अहमदाबाद के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्‍टेडियम में देखा गया और 60 लाख से ज्‍यादा जियो हॉटस्टार पर स्‍ट्रीमिंग किसी भी टी20 में सर्वाधिक दर्शकों की उपस्थिति एवं देखने का एक कीर्तिमान बन गया है।

(कुछ और कीर्तिमान इसमें जोड़ते रहेंगे।)


-आकुल