13 दिसंबर 2025

शरच्‍चंद्र

छंद- शंकर 
विधान- 26 मात्रीय छंद जिसमें 16, 10 पर यति 
अंत गुरु -लघुु (21) से।  

मुक्तक

ऐसा लगा नजदीक आया, और ज्यादा चाँद।

शरच्च्‍ंद्र बन कर हरसाया और ज्यादा चाँद।

सागर चॉंद के मिलन की फिर, बनी निशा गवाह,   

सागर को देख मुसकुराया, और ज्‍यादा चाँद।। 

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