मुक्तकंठा छंद
(ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध पर)
1
यह विभीषिका
युद्ध की, देती है संदेश।
प्रकृति करेगी संतुलन, छोड़ा मार्ग
न लेश ।।
बाढ़, आपदा, रोग, क्षति, आवासन सब
ध्वस्त,
ले डूबेगी सम्पदा जिसके लिए ये’
क्लेश ।।
जिसके लिए ये’ क्लेश,
रह रहा किस भ्रम में वह ।
छीन शांति अरु चैन, न ‘आकुल’ मिलनी
है यह ।।
2
वैसे भी जीवन
रुका, रुके सभी अभियान ।
सभी योजनाएँ रुकीं, नष्ट सभी
अनुमान ।।
यह विभीषिका युद्ध की, हुई भयावह
रोज़,
पहुँचें अपने घर सभी, यह ही बस
है ध्यान ।।
यह ही बस है ध्यान,
बचे जीवन कैसे भी ।
कर लेंगे संघर्ष, बचा है क्या वैसे
भी ।।
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