दोस्त फ़रिश्ते होते हैं.
बाक़ी सब रिश्ते होते हैं.
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22 अक्टूबर 2012
नवगीत की पाठशाला: २. फिर हम एक हुए
नवगीत की पाठशाला: २. फिर हम एक हुए: घर घर दीप जले, लगता है, फिर हम एक हुए वैर द्वेष बह निकला मन से भेंट अनुग्रह अधुनातन से समय समर्थन अनुशासन से दर दर प्रीत पले, लगता ...
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