सान्निध्य

दोस्त फ़रिश्ते होते हैं. बाक़ी सब रिश्ते होते हैं.

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15 जनवरी 2012

सान्‍नि‍ध्‍य सेतु: उज्‍जैन में वि‍क्रमशि‍ला वि‍द्यापीठ का सोलहवाँ अधि...

सान्‍नि‍ध्‍य सेतु: उज्‍जैन में वि‍क्रमशि‍ला वि‍द्यापीठ का सोलहवाँ अधि...: 13-14 दि‍सम्बर 2011 को वि‍क्रमशि‍ला वि‍द्यापीठ, भागलपुर बि‍हार का सोलहवाँ अधि‍वेशन महाकाल की नगरी उज्जैन में मौन तीर्थ के प्रांगण में भव्य स...
प्रस्तुतकर्ता आकुल पर 1:42 pm
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छंदकार। छंद साहित्‍य पर 17 पुस्‍तकों सहित अभी तक 17 पुस्‍तकें प्रकाशित। जून, 2015 में राजस्थान तकनीकी विश्‍वविद्यालय, कोटा से अनुभाग अधिकरी के पद से सेवानिवृत्त. हिंदी की सभी काव्य विधाओं को समर्पित छंद आधारित एक सशक्त फेसबुक समूह ‘मुक्तक-लोक’ में 2017 से एडमिन.
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