
कोटा (राजस्थान) से 1995 में आरम्भ हुई दाक्षिणात्य वैल्लनाडु ब्राह्मण समाज के नव निर्माण की रचनात्मक त्रैमासिक पत्रिका की सहयोगी ई- पत्रिका के रूप में इसे अस्थाई रूप में विकसित किया जा रहा है। पत्रिका के सम्पादक गोपाल कृष्ण भट्ट 'आकुल' ने इसे समाज के युवा वर्ग को आह्वान के रूप में लिया है, और उनकी समाज के लिए उपलब्धता के संदर्भ में आरंभ किया है। अब देखना यह है कि कौन कितना सहयोगी बनता है और कितने इसे अपनाते हैं।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें