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26. एक नई दस्तक देनी है
25. परिचय पुस्तक ‘इंद्रधनुष बन जाऊँ मैं’ का और अपनी बात
24. हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर 12 सितम्बर को 'इंद्रधनुष बन जाऊँ मैं' के विमोचन समारोह में 'आकुल' का वक्तव्य
23. अंधविश्वास
22. कुंडलिया छन्द विधान
21. बाल-काव्य बाल-मनोविज्ञान का दर्शन है
20. सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय अस्मिता, प्राकृतिक परिवेश और मानवीय सम्वेदना की सार्थक प्रस्तुतियों का संकलन है 'प्रेम पुष्प'
19. 'चलो प्रेम का दूर क्षितिज तक पहुँचाएँँ सन्देश' (गीतिका शतक) का समीक्षात्मक पुरोवाक्
18. छन्द और दोहा परिवार
17. हौसलों ने दिए पंख (गीतिका द्विशतक ) पुरोवाक्
16. समीक्षा- जब से मन की नाव चली (नवगीत संग्रह )- आचार्य संजीव सलिल
15. समीक्षाकार श्री विजय जोशी की संक्षिप्त विवेचना 4 पुस्तकों पर
14. राजस्थान राज्य का हिन्दी साहित्य
13. पुस्तक लोकार्पण- चलो प्रेम का दूर क्षितिज तक पहुँचाएँ संदेश
12. जीने की लालसा जगाती 'ढलती हुई धूप'
11. सहज संवेदनशील अनुभवों का पिटारा है “अँजुरी भर सितारे”
10. शुद्धता और स्वच्छता के उच्च मानकों पर ही स्थापित है पुष्टिमार्गीय सम्प्रदाय
9. नवगीत - कुछ यक्ष प्रश्न और मेरे विचार
8. नवगीत - कुछ यक्ष प्रश्न और मेरे विचार
7- मेरा शहर 'कोटा'
6- लघुकथा कहानी की निकटतम विधा है, उसका साररूप नहीं
5- 'जीवन की गूँज' से
4- 'जीवन की गूँज' लोकार्पण पर कृति परचिय, कृतिकार परिचय, वक्ताओं के आलेख और विचार
3- मेरे प्रिय कवि और उनकी कवितायें
2- मेरी लघु कथाएँ
1- 'जीवन की गूँज' से
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पुत्र की सफलता पर कुण्डलिया
कुण्डलिया
Peeyush Bhatt
तुमने बेटा कर दिया, सपना इक साकार।
बन कर डॉक्टर रूस से,
लौटे ले उपहार।।
लौटे ले उपहार, पास की
एमसिआई।
दीवाली इस बार, सुखद इस
घर में आई।।
कह ‘आकुल’ कविराय, कृपा
ऐसी की प्रभु ने।
मात-पिता की साख, बढ़ाई दुगनी
तुमने।।
बेटे द्वारा रूस से डॉक्टर बन कर लौटने और प्रथम प्रयास में ही एम0सी0आई0 की FMGE की परीक्षा उत्तीर्ण कर अनमोल उपहार दिया है। इस अवसर भावोद्गार।
HEARTY CONGRATULATIONS TO PEEYUSH, YOU AND BHABHIJI.
जवाब देंहटाएंHEARTY CONGRATULATIONS- PIYUSH FOR NOTABLE SUCCESS IN FIRST ATTEMT IN MEDICAL ( MBBS) EXAMS FROM RUSSIA AND MCI. WISH YOU ALL THE BEST FOR BRIGHTER FUTURE ALWAYS THROUGHOUT THE LIFETIME.
जवाब देंहटाएंUNCLE: DR. RAGHUNATH MISHR