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दोस्त फ़रिश्ते होते हैं. बाक़ी सब रिश्ते होते हैं.

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6 जनवरी 2010


सभी पाठकों को 'आकुल' का नववर्षाभिनन्‍दन.
प्रस्तुतकर्ता आकुल पर 10:43 pm
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आकुल
छंदकार। छंद साहित्‍य पर 17 पुस्‍तकों सहित अभी तक 17 पुस्‍तकें प्रकाशित। जून, 2015 में राजस्थान तकनीकी विश्‍वविद्यालय, कोटा से अनुभाग अधिकरी के पद से सेवानिवृत्त. हिंदी की सभी काव्य विधाओं को समर्पित छंद आधारित एक सशक्त फेसबुक समूह ‘मुक्तक-लोक’ में 2017 से एडमिन.
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